Książka परछाइयों का सच Advocate Naval Kishor Soni

परछाइयों का सच

Język: Hinduski
Oprawa: Miękka
Dostępność: Zapowiedź
Wydanie 07. 06. 2026
55.76
रात जब अत्यधिक अंधकारमय होती है, तब संसार की हर वस्तु अपनी एक परछाई रचती है। दिन के उजाले में जो स्प...

Informacje o książce

Język
Hinduski
Oprawa
Książka - Miękka
Data wydania
2026
strony
242
EAN
9789358902044
ISBN
9358902043
Enbook ID
52768574
Waga
330
Wymiary
152 x 229 x 14

Pełny opis

रात जब अत्यधिक अंधकारमय होती है, तब संसार की हर वस्तु अपनी एक परछाई रचती है। दिन के उजाले में जो स्पष्ट दिखाई देता है, वही रात के सन्नाटे में धुंधला पड़ जाता है और जो धुंधला है, वही कभी-कभी सबसे अधिक सच्चा प्रतीत होता है। मनुष्य भी कुछ ऐसा ही है, वह अपने अन्दर जितना प्रकाश लिए फिरता है, उससे कहीं अधिक अंधेरा अपने साथ ढोता है, एक ऐसा अंधेरा, जिसे वह स्वयं भी पूरी तरह नहीं पहचानता।

"परछाइयों का सच" केवल एक अपराध जगत की कहानी नहीं है; यह उस अदृश्य संसार की यात्रा है, जहाँ हर चेहरा दो हिस्सों में बंटा होता है। एक जो समाज को दिखाया जाता है, और दूसरा जो भीतर, गहराई में, किसी अंधेरी कोठरी में छुपा रहता है। यही वह कोठरी है, जहाँ से परछाइयाँ जन्म लेती हैं।